जिन्दगी और मौत

खौफ में जीना कोई जीना है
इससे तो मौत बेहतर है
तिल तिल कर मरना सजा है
इससे तो मौत बेहतर है
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कलम की ताकत

मेरी कलम की स्याही से
शायद तुम्हारा ज़मीर जगे
बेकसूर इन्सानों के कत्ल से
शायद तुम्हे भी मायुषी हो
मैने कोई गुनाह नही किया
मैने तो अमन चैन की पेशकश की
और खुदा का पैगाम दिया
फिर तुम्हारे खून में उबाल क्यों आया?
मरने से मुझे कोई खौफ नही
पर मेरी कलम तबतक चलेगी
जबतक इसमें स्याही है।
या मुझमे जान है
और खुदा का ईमान है।
तुम्हारी गोली जिस्म को
कब्र मे सुला सकती है
पर मेरी रूह आजाद रहेगी
इन्ही रूहों का पैगाम है
अमन चैन चाहने बालों
आज तुम्हारा इम्तहान है।
कत्ल करने बालों का
कोई इमान नही होता
जो अमन चैन की बात न करे
वह इन्सान नही होता