जय श्रीराम

आपको घर मे रहने का अवसर मिला है। आपको इसका लाभ उठाना चाहिए। बोर न हों। रचनात्मक काम करें। आफिस के काम के अलावा बच्चों को पढाऐं और खेलें। पज्ल सुलझाएं। पढने और लिखने के शौक को पूरा करें। अच्छा संगीत सुनें। योग, ध्यान और प्राणायाम करें। पौधों मै पानी दें। घर की साफ सफाई पर ध्यान दें। देखिए, समय कम पड़ जाएगा। प्रकृति ने हमे आगाह किया है। हमे चेतना होगा। सादा जीवन उच्च विचार अपनाना होगा। श्रीराम के अनुयायी हैं तो उन जैसा आचरण भी करना होगा।
जय श्रीराम।

जय माँ दुर्गे।

जय माँ दुर्गे

आज चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ है। माँ शक्ति की उपासना से हर कष्ट का निवारण होता है। संकट की इस परिस्थिति में माँ आपको धैर्य और संयम प्रदान करें। मां का ध्यान करें। गायत्री मंत्र का उच्चारण करें। आज से हर कष्ट का निवारण होना शुरू हो जाएगा। श्रद्धा और धैर्य से हर कष्ट दूर हो जाते हैं। जय माँ दुर्गे।

कोरोना

विश्व में फैला कोरोना 

तुम इससे डरो ना

मेरी बात मानो तो

साबुन से हाथ धोना 

वायरस है यह जानलेवा

बचा नही सकते इससे देवा

भीड का हिस्सा बनकर 

अमूल्य जीवन न खोना

वायरस से तुम बच न पाओगे

इससे तुम लड न पाओगे 

बेहतर है तुम्हारे लिए 

घर के अन्दर रहना 

जान है तो जहान है

वरना दुनिया बेईमान है

भीड मे बहुत जी चुके 

अब थोडा अकेले रहो ना

घर मे रहकर काम करो

कुछ क्षण आराम करो

जीने के दिन हैं दो चार

परिवार संग रहो ना 

फूलों की तरह खिलना

हिंसा का खेल

बन्दूक से गोली न निकले

निकले पिचकारी से रंग 

कोई शक्स का शव न निकले

निकले नफरत की जंग 

अरे, कोन हो तुम

किसको मारते हो

अल्ला के बंदे हो तुम 

अपने भाई को मारते हो? 

भगवान और अल्लाह मे फर्क

मजहब नही सिखाता 

मरने के बाद यकीनन

इन्सानियत ही साथ जाता

कुर्सी न साथ देगी

इन्सानियत शर्मशार कर के

खुद ही गुनहगार होगे

दंगे मे धार कर के 

राम की राह पर चला जो बापू

राम राम कह चला गया 

आज रहा बस राम का नाम 

न जाने बापू कहां चला गया। 

हिंसा का खेल

Help others to help yourself

I got inspired to share this image and an inspirational message on seeing a  family in trouble in search of help. Millions of people are in need of some help from kind people. Yes, we can help and lighten their life. Please help the needy people.
I would a quote a beautiful message.
‘ In helping others, we shall keep ourselves, for whatever good we give out completes the circle and comes back to us’ by Flora Edwards .

Helping together can change the world

जन्नत ओर दोजख

काश मै परिंदा होता तो इबादत के लिए कभी मन्दिर कभी मस्जिद के
बुर्ज पर बैठ जाता।
आसमा की बुलंदियों को छू जाता
और इन्सानों के लिए दुआ करता
कि लडकर दोजख मे जाने के बजाए सजदा कर जन्नत क्यों नही जाते?